टोक्यो, जापान / MENA न्यूज़वायर / – जापान ने अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बुनियादी योजना का संशोधित मसौदा जारी किया है, जिसमें AI से जुड़े जोखिमों पर व्यापक वैश्विक सहयोग का आह्वान किया गया है। यह प्रस्ताव साइबर हमलों, मॉडल सुरक्षा, गलत सूचना और उच्च-प्रदर्शन वाली AI के संचालन पर केंद्रित है। कैबिनेट कार्यालय ने 19 से 23 जून तक इस मसौदे पर सार्वजनिक टिप्पणियाँ आमंत्रित की थीं। यह समीक्षा जापान की पहली AI बुनियादी योजना के बाद की गई है, जिसे सरकार ने दिसंबर 2025 में मंजूरी दी थी।

मसौदे में कहा गया है कि एजेंटिक एआई ने सरकारों, कंपनियों और आम जनता के सामने आने वाले जोखिमों की जटिलता को बढ़ा दिया है। इसमें तकनीकी विफलताओं, अस्पष्ट उत्तरदायित्व, श्रम पर प्रभाव और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज़ में स्वायत्त एआई-सक्षम साइबर हमलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें कहा गया है कि ऐसे हमले अज्ञात सॉफ़्टवेयर कमजोरियों का पता लगा सकते हैं और विश्वसनीय एआई प्रशासन के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा को एक अनिवार्य हिस्सा बनाते हैं।
जापान की योजना में विदेशी सरकारी एजेंसियों, एआई डेवलपर्स और अन्य संबंधित पक्षों के साथ घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया गया है। इन उपायों में सॉफ्टवेयर विक्रेताओं को शीघ्र चेतावनी देना, कमजोरियों का तेजी से पता लगाना और मजबूत प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल हैं। मसौदे में एआई मॉडलों के साइबर सुरक्षा प्रदर्शन के अधिक मूल्यांकन का भी आह्वान किया गया है। ये कदम एआई नवाचार को सुरक्षा नियंत्रणों के साथ संरेखित करने के जापान के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।
साइबर सुरक्षा जोखिमों पर अब पहले से कहीं अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
इस योजना में एआई सुरक्षा संस्थान को तकनीकी मूल्यांकन कार्य के केंद्र में रखा गया है। इसमें मॉडल परीक्षण, पता लगाने की क्षमता, सुरक्षा उपाय और संकटकालीन सूचना साझाकरण प्रणालियों की आवश्यकता बताई गई है। मसौदे में यह भी कहा गया है कि जापान को एआई की कमजोरियों और घटनाओं से संबंधित अंतरराष्ट्रीय डेटा एकत्र करना और साझा करना चाहिए। यह योजना इन कार्यों को सुरक्षित एआई तैनाती के लिए दिशा-निर्देशों, तकनीकी मानकों और नियमों के विकास से जोड़ती है।
इस मसौदे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (जेनरेटिव एआई) के दुरुपयोग से उत्पन्न गलत सूचना और भ्रामक जानकारी के खिलाफ उपाय शामिल हैं। यह एआई द्वारा उत्पन्न सामग्री की पहचान करने और उसकी प्रामाणिकता सत्यापित करने में सहायक प्रौद्योगिकियों का समर्थन करता है। इसमें एआई से संबंधित नुकसान झेलने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परामर्श सेवाओं का भी प्रस्ताव है। व्यवसायों को अपनी सेवाओं में एआई से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु शिकायत निवारण प्रणाली बनाने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
शासन योजना वैश्विक भूमिका का विस्तार करती है
जापान के मसौदे में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को एआई प्रशासन का एक मुख्य हिस्सा बताया गया है। इसमें मानव संसाधन, क्षमता निर्माण, प्रशासन और अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में समान विचारधारा वाले देशों और वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग का उल्लेख किया गया है। योजना में एआई के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक निर्धारण कार्य का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि जापान को विभिन्न देशों और क्षेत्रों में विश्वसनीय एआई के लिए समन्वय मॉडल बनाने में मदद करनी चाहिए।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब सरकारों पर एआई के जोखिमों को प्रबंधित करने के साथ-साथ अनुसंधान, विकास और सार्वजनिक उपयोग को समर्थन देने का दबाव बढ़ रहा है। जापान के मसौदे में इन दोनों लक्ष्यों को एक ही नीतिगत ढांचे में रखा गया है। इसमें जोखिम समीक्षा, मजबूत साइबर सुरक्षा क्षमता और उच्च-प्रदर्शन एआई के तकनीकी मूल्यांकन की बात कही गई है। सार्वजनिक टिप्पणी प्रक्रिया नागरिकों और संगठनों को योजना को आगे बढ़ाने से पहले अपनी प्रतिक्रिया देने का एक औपचारिक मंच प्रदान करती है।
जापान ने अद्यतन सुरक्षा योजना में एआई जोखिम सहयोग का विस्तार किया है। यह खबर सबसे पहले यूएई गजट में प्रकाशित हुई थी।
